15 अगस्त 1947 ई. को हमारी इस मातृभूमि का पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया । आज जिस भूमि को हम आजाद वतन मानते हैं उसे आजाद हुए 79 वर्ष हो चुके हैं । इस वर्ष 2026 में हम देश की 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस में प्रवेश कर चुके हैं । सोने की चिड़िया से ब्रिटिश कॉलोनी बनने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक बनने का भारत देश का लम्बा सफर सराहनीय और विख्यात है । आज हम अपने देश भारत मे आजादी की हवा में सांस ले पा रहे हैं, क्योंकि हमारे पूर्वजों ने हमें यह आजादी दिलाने के लिए 200 वर्षों तक संघर्ष किया था । इसलिए आजादी का यह जश्न पूरे देश में देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है । सरकार के द्वारा इस राष्ट्रीय त्योहार को खास बनाने के लिए ” हर घर तिरंगा” अभियान चला कर राष्ट्रभक्ति की एक अनोखा संदेश भारतीय जनताओं में देने का काम कर रही है । अब बात करें शिक्षण संस्थाओं की तो आज के दिन विद्यार्थियों में विशेष उत्सुकता देखी जाती है । देश भर के स्कूलों में इस अवसर को उत्साह के साथ मनाते हैं । देश के बच्चें और युवा ही इसके भविष्य हैं । इनमें देशभक्ति की भावना जगाने के लिए विभिन्न संस्थानों में निबंध लेखन प्रतियोगिता, स्पीच कंपीटीशन, नाटक , देशभक्ति गीत और नृत्य के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं , जिनमें बच्चें बढ़ – चढ़ कर हिस्सा लेते हैं । इस दिन को मनाने के लिए पूरा देश एक साथ आता है । माननीय प्रधानमंत्री नई दिल्ली में लालकिले पर भारतीय ध्वज ( तिरंगा) को फहराते हैं । देश के सभी राज्यों में राज्यधिकारी और नेता – गण राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं । देश भक्ति गीत गाए जाते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो हमारे अंदर एकता और गौरव की भावना का नवनिर्माण करते हैं ।
भारत को 1947 ई. में आजादी तो मिल गई थी, लेकिन इस आजादी की लड़ाई का नेतृत्व प्रख्यात नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों ने किया । खून – पसीना बहाकर, अपने भविष्य का निस्वार्थ त्याग कर , अपने जीवन का बलिदान किया और करोड़ों भारतीयों को ब्रिटिश उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया । वास्तव में यह त्योहार हमें अपनी स्वतंत्रता को संजोने और राष्ट्र की भलाई के लिए काम करने की प्रेरणा देती है ।
प्रेषक :- आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार