मैं शिक्षक कब बना ? : राकेश कुमार

( फाउंडेशन डे विशेष ) बात तो बहुत पुरानी है। माह दिसम्बर वर्ष 2006 जब मुझे शिक्षक नियुक्ति पत्र मिला और मैं शिक्षक के पद पर आसीन हुआ। मेरी नियुक्ति… मैं शिक्षक कब बना ? : राकेश कुमारRead more

खुशियों का गुल्लक : रूचिका

दस वर्षीय राहुल मेले से खरीदे गुल्लक में रोज सिक्के डालता था। कभी 1₹, कभी 2₹, कभी 5₹, कभी 10₹। मतलब जब जितना उसे मिल जाए उतने पैसे वह गुल्लक… खुशियों का गुल्लक : रूचिकाRead more

चिंतन का विषय – शिक्षा व्यवस्था : ओम प्रकाश

अंग्रेज़ी शासन काल में भारत की शिक्षा व्यवस्था को जिस उद्देश्य के साथ गढ़ा गया था, उसमें शिक्षा को व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने के बजाय प्रशासनिक आवश्यकताओं से… चिंतन का विषय – शिक्षा व्यवस्था : ओम प्रकाशRead more

छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारी

आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख कर सोचा कि ये कम उम्र की पतली दुबली लड़की… छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारीRead more

वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारी

“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है शिक्षा स्वयं जीवन है”- जॉन डेवी आज हमारे देश में सच्चरित्रता की बहुत कमी दिखती है जहां तक नजर जाती है लोगों में स्वार्थपरता… वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारीRead more

स्वामी विवेकानंद …गिरीन्द्र मोहन झा

स्वामी विवेकानंद(१२ जनवरी, १८६३ – ०४ जुलाई, १९०२) 11 सितंबर, 1893 को शिकागो में हमारे देश के स्वामी विवेकानंद जी ने विश्वविख्यात भाषण दिया। उन्होंने ‘The sisters and brothers of… स्वामी विवेकानंद …गिरीन्द्र मोहन झाRead more

राष्ट्रीय खेल दिवस : नेहा कुमारी

जीवन का हर पल खेल है,बुरा हो या अच्छा ।जो हिम्मत से अडिग रहा,वही खिलाड़ी है सच्चा । इसी पृष्ठभूमि में हम बात करते हैं राष्ट्रीय खेल दिवस की। राष्ट्रीय… राष्ट्रीय खेल दिवस : नेहा कुमारीRead more