Category: संदेशपरक

लोको मोको डिंग डांग : मो.ज़ाहिद हुसैनलोको मोको डिंग डांग : मो.ज़ाहिद हुसैन

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संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा- अंतिम भाग व्हाइट हिल में सहेलियां एक दूसरे को चिढ़ाने के लिए अजब- गजब नाम बुनते[...]

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व्हाइट हिल : मो.ज़ाहिद हुसैनव्हाइट हिल : मो.ज़ाहिद हुसैन

0 Comments 8:06 pm

(संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-3) व्हाइट हिल प्रकृति की गोद में बसा एक अनोखा विद्यालय है जहां सह-संज्ञानात्मक क्रिया पर जोर[...]

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अलमामैटर: मस्ती की पाठशाला : मो. जाहिद हुसैनअलमामैटर: मस्ती की पाठशाला : मो. जाहिद हुसैन

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(संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-2)   यदि बच्चे के मस्तिष्क पर दबाव न पड़े तो उनमें सीखने की जिज्ञासा स्वतः जागृत होगी। बंटी का[...]

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पहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरवपहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरव

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बचपन में कोई सिखाता नहीं कि झूठ बोलना बुरा है, पर जब बोलते हैं और पकड़े जाते हैं – तभी[...]

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नाम और यश : गिरीन्द्र मोहन झानाम और यश : गिरीन्द्र मोहन झा

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महापुरुष अज्ञात, निर्वाक और शांत होते हैं।महापुरुष नाम-यश के गुलाम नहीं होते हैं। वे शब्दों(निन्दा-स्तुति) के भी गुलाम नहीं होते[...]

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Amarnath Trivedi

शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदी

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मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । वह बंधनों से मुक्त होना नहीं चाहता । वह इससे जुड़कर ही अपनी कामयाबी[...]

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आशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरवआशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:22 pm

जीवन एक प्रवाह है—कभी शांत, कभी उग्र; कभी सरल, तो कभी दुर्गम। इस प्रवाह के मध्य यदि कोई तत्व हमें[...]

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विषय में या विषय के प्रति रुचि व जिज्ञासा जगाना शिक्षक की कला : गिरीन्द्र मोहन झाविषय में या विषय के प्रति रुचि व जिज्ञासा जगाना शिक्षक की कला : गिरीन्द्र मोहन झा

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शिक्षक के तीन ही प्रमुख गुण होते हैं।- विषय का गंभीर ज्ञान (content knowledge), सम्प्रेषण कौशल(communication skill) और शिक्षण-शास्त्र(Pedagogy)। कहते[...]

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बचपन और उसकी यादें : रूचिकाबचपन और उसकी यादें : रूचिका

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बचपन और उसकी यादें जब भी जेहन में आ जाती हैं तो होठों पर बरबस ही मुस्कान चली आती हैं।बचपन[...]

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