Category: संदेशपरक

kanchan

बंटी की दोस्ती- कंचन प्रभाबंटी की दोस्ती- कंचन प्रभा

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बंटी एक छोटा, चुलबुला खरगोश था जो जंगल के किनारे अपने बिल में रहता था। वह बहुत मिलनसार था, लेकिन[...]

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lovely kumari

बच्चों की होली- लवली कुमारीबच्चों की होली- लवली कुमारी

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अरे मुझे नहीं देखो -देखो इसे लगाओमोहन ,राजा, मीना ,गीता आज विधालय में बहुत मस्ती कर रहे थे। क्योंकि कल[...]

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संध्या पाठशाला – धीरज कुमारसंध्या पाठशाला – धीरज कुमार

0 Comments 10:27 am

बात आज से लगभग तीन वर्ष पहले की है। ठंडी की शुरुआत हो चुकी थी।शादी विवाह में बजने वाला शोर[...]

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स्वामी विवेकानंद के संदेश उपयोगी व ग्राह्य- गिरीन्द्र मोहन झास्वामी विवेकानंद के संदेश उपयोगी व ग्राह्य- गिरीन्द्र मोहन झा

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स्वामी विवेकानंद का आज निर्वाण दिवस है। आज ही के दिन 4 जुलाई, 1902 को उन्होंने अपने देह का त्याग[...]

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कर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झाकर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 7:01 am

कहना कठिन है, कर्म पहले आया अथवा विचार? रामायण के किष्किन्धाकाण्ड में केवल विचार है, तो परिणाम कुछ नहीं, लंकाकाण्ड[...]

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शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झाशुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 10:10 pm

रावण के द्वारा दी गयी शिक्षा शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम्(शुभ कार्य जब मन में आए तो उसे शीघ्र कर लो,[...]

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Manish

समर्पण से शक्ति तक, पांच साल बेमिसाल – डॉ मनीष कुमारसमर्पण से शक्ति तक, पांच साल बेमिसाल – डॉ मनीष कुमार

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#पांच साल बेमिसाल बिहार के शिक्षा विभाग में शिक्षकों ने स्वप्रेरणा से एक ऐसी गतिविधि से जुड़ते गए जहां से[...]

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Bimal Kumar

“समाज को बदल डालो – विमल कुमार ‘विनोद’“समाज को बदल डालो – विमल कुमार ‘विनोद’

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— एक रंगमंचीय नाटक ओपनिंग दृश्य- सुबह का समय मंदिर का दृश्य,बहुत सारे लोग मंदिर में हैं,घंटी बजती है,आरती शुरू[...]

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