भोंदू – भोंदू यह आवाज विधालय के बच्चों की ओर से आ रही थी , छोटू के लिए । छोटू[...]
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गणवेश- मनोज कुमारगणवेश- मनोज कुमार
गणवेश; यह वह आवरण है जो हमारी कई पृष्टभूमि को ओझल कर देती है। यह हमारी ज्ञान रूपी गाड़ी को[...]
सहपाठी का हृदय परिवर्तन (संस्मरण)
सुरेश कुमार गौरवसहपाठी का हृदय परिवर्तन (संस्मरण)
सुरेश कुमार गौरव
बात उस समय की है जब मैं दस वर्ष का था। और 1978 का साल था। तब मैं पंचम वर्ग[...]
मैं नालायक नहीं- श्री विमल कुमार”विनोदमैं नालायक नहीं- श्री विमल कुमार”विनोद
जीवन की वास्तविकता पर आधारितश्री विमल कुमार”विनोद”लिखित लघुकथा।सोहन नामक एक छोटा सा बालक जो कि परिवार का एकलौता,दुलारा पोता है।परिवार[...]
सच्ची घटना- दया शंकर गुप्तासच्ची घटना- दया शंकर गुप्ता
शाम के 7 बजे होंगे, अंश की माँ खाना बनाकर जब बाहर के रूम में बच्चों के पास आई तो[...]
जीवन-संगिनी–श्री विमल कुमार “विनोद”जीवन-संगिनी–श्री विमल कुमार “विनोद”
संक्षिप्त सार-एक छोटा सा बालक जिसका नाम रामू है कि कहानी जो कि अभी अपनी शैशवावस्था की चहारदीवारी भी पार[...]
तबाही-श्री विमल कुमार “विनोद”तबाही-श्री विमल कुमार “विनोद”
कास्टिंग सीन-बचाओ,बचाओ,अरे कोई तो बचाओ,बचने का कोई भी उपाय तो बताओ।चारों ओर तबाही ही तबाही नजर आ रही है।(नेपथ्य से[...]
जीवन की दुर्दशा”-श्री विमल कुमार “विनोद”जीवन की दुर्दशा”-श्री विमल कुमार “विनोद”
एक छोटा सा बालक एक अमीर के घर में जन्म लेता है।जन्म के बाद सबसे पहले उसका नामकरण एक ज्ञानी[...]
“औघड़”- ,पार्ट-02- श्री विमल कुमार “विनोद”“औघड़”- ,पार्ट-02- श्री विमल कुमार “विनोद”
संक्षिप्त सार-महेश एक साधारण गरीब परिवार का लड़का जो कि गणित से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने के बाद लगातार[...]
चुड़ैल का डर- श्री विमल कुमार” विनोद”चुड़ैल का डर- श्री विमल कुमार” विनोद”
सामाजिक अंधविश्वास पर आधारित श्री विमल कुमार” विनोद” लिखित लघुकथा।यह लघुकथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्र का है जहाँ पर गाँव के[...]