गद्य गुँजन कामना निरंतरता…गिरीन्द्र मोहन झा

निरंतरता…गिरीन्द्र मोहन झा



प्राप्त करना और देना प्रकृति का नियम है। वायुमंडल से हम आक्सीजन ग्रहण करते हैं और कार्बन-डाई-ऑक्साइड वायुमंडल में प्रेषित करते हैं। पौधे प्रकाश-संश्लेषण में उसी CO2 का उपयोग करते हैं और आक्सीजन मुक्त करते हैं। यह चक्र चलता रहता है।
……निरंतर अध्ययनशील रहना और जो कुछ सीखा हो, उसे योग्य लोगों में बांटना शिक्षक का कर्त्तव्य है।
……गिरीन्द्र मोहन झा(स्वरचित)

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