कर्त्तव्यपरायणता और कार्यकुशलता दो ऐसे गुण हैं, जो जीवन को प्रेरणास्रोत और यशस्वी बनाने का सामर्थ्य रखता है।
…… कर्त्तव्य-पालन का प्रकाश ही प्रकाश है, उसी से स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी प्रेरणा की रोशनी मिलती है।
……सूर्य और चन्द्र प्रकाश फैलाकर अपने कर्त्तव्य का ही पालन करते हैं, किन्तु उस कर्त्तव्य के प्रकाश से सभी लोग लाभान्वित होते हैं।
……गिरीन्द्र मोहन झा(स्वरचित)
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