Tag: संजीव प्रियदर्शी

Sanjiv Priyadarshi

मैं ही देश हूँ – संजीव प्रियदर्शीमैं ही देश हूँ – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 9:29 pm

लघुकथा शहर कई दिनों से अशांत है। लोगों में नफ़रत और भय का माहौल है।कल तक जो लोग आपस में[...]

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Sanjiv Priyadarshi

पुरस्कार के हकदार – संजीव प्रियदर्शीपुरस्कार के हकदार – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 8:24 pm

लघुकथा ”गांव में जो सबसे बढ़कर धर्मनिष्ठ होगा, आज की सभा में वे ही पुरस्कार के हकदार होंगे।” ग्राम-समिति की[...]

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Sanjiv Priyadarshi

परिवार – संजीव प्रियदर्शीपरिवार – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 6:21 pm

अपनी सहेली द्वारा ससुराल के बारे में पूछे जाने पर मनोरमा बोलने लगी -‘ अरे राधा, मैं ससुराल में भले[...]

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Sanjiv

दृष्टिकोण – संजीव प्रियदर्शीदृष्टिकोण – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 11:18 pm

लघुकथा सुनीता अपनी ननद की लड़की की शादी में काफ़ी लल्लो-चप्पो के बाद जाने को राजी हुई थी।ननद शोभा और[...]

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Sanjiv

दूसरा भगवान – संजीव प्रियदर्शीदूसरा भगवान – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 7:43 pm

परामर्श शुल्क के अभाव में दो बार क्लीनिक से लौटाये जाने के बाद वह तीसरी दफे रुपये जुटाकर अपने दस[...]

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Sanjiv

पगला है- संजीव प्रियदर्शीपगला है- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 10:55 am

लघुकथा सनोज दास जिस दिन नौकरी में आये,उस दिन उनके हिस्से की ऊपरी कमाई ढ़ाई सौ रुपये बनती थी।साथी अहलकार[...]

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Sanjiv

अपना-पराया- संजीव प्रियदर्शीअपना-पराया- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 9:40 pm

लघुकथा आज देर शाम रघुनाथ जब घर लौटा तो पत्नी राधिका को डरी-सहमी मकान के सामने बरसाती में पाया। कारण[...]

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Sanjiv

इनकलाब- संजीव प्रियदर्शीइनकलाब- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 8:13 pm

ब्रिटिश हुकूमत का काल था।उस समय भारतीय समाज अनेक कुप्रथाओं से दूषित पड़ा था, जिसमें नरबलि का प्रचालन भी जोरों[...]

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