एकांकी-कुमकुम कुमारी - गद्य गुँजन

एकांकी-कुमकुम कुमारी

Kumkum

Kumkum

*एकांकी*

(सच्ची घटना पर आधारित; कक्षा-6की छात्रा; छात्राओं का नाम-काल्पनिक)

शिक्षिका:-अरे क्या बात है आज कई दिनों
से नीता विद्यालय क्यों नहीं आ
रही है?

विद्यार्थी:- पता नहीं मैडम

शिक्षिका:- सीमा तुम्हें तो पता होगा,
तुम्हारा घर तो उसके घर के
पास ही है।
सीमा:- जी मैडम, पर पता नहीं आजकल
नीता को क्या हुआ,हर वक्त घर में
ही रहती है और शाम में भी हमारे
साथ नहीं खेलती है।
शिक्षिका:- ऐसा क्या हुआ जो वो
अचानक स्कूल आना बंद कर दी।

रजनी:- पता है मैडम, कल हम उसके घर
गए थे पर वो बहुत उदास और
चिड़चिड़ी लगी।मैं जब उससे
पूछी की आजकल तुम स्कूल
क्यों नहीं आ रही हो तो वह बोली
कि अब मुझे स्कूल नहीं जाना।

शिक्षिका:- ऐसे कैसे वो स्कूल आना बंद
कर सकती है।पढ़ाई में तो
उसकी काफी रुचि है और वो
तो बहुत अच्छी लड़की है।
देखती हूँ मैं………..

(नीता की माँ जब नीता मात्र छः साल की थी तभी इस दुनिया से चल बसी थी।घर में उसके दो छोटे भाई-बहन,पिता एवं दादी है जो बहुत पुराने ख्यालात की है)
शिक्षिका दूसरे दिन नीता के घर पर…..

शिक्षिका:- क्या बात है नीता,तुम स्कूल
आना क्यों बंद कर दी हो।तुम्हें
तो पढ़-लिखकर नाम कमाना है
फिर इस तरह बीच में पढ़ाई
क्यों छोड़ रही हो?

नीता:-(रोते हुए) मैडम अब मैं स्कूल नहीं
जा सकती।

शिक्षिका:-क्यों, ऐसा क्या हुआ?

नीता की दादी:- अरी मैडम,अब लड़की
बड़ी हो गई है सोचती हूँ अब
इसकी शादी कर दूँ।

शिक्षिका:-नहीं-नहीं अभी तो यह काफी
छोटी उम्र की है।अभी तो
इसे पढ़ना और खेलना है।

शिक्षिका:-(नीता को पास बुलाते हुए) बोलो नीता क्या बात है? मुझे बताओ मैं तुम्हारी मदद करूँगी।
(कई बार पूछने के बाद नीता शिक्षिका को बताती है)

नीता:- मैडम कई दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं रह रही है।मेरे पेट और कमर में बहुत दर्द है और…..कहते कहते नीता रुक गई।

शिक्षिका:-कहो नीता क्या बात है?क्या हुआ तुम्हें?

नीता:- वो मैडम…………

शिक्षिका:-अरी पगली तो इससे घबरा कर तुम अपनी पढ़ाई छोड़ रही हो।यह तो स्वभाविक प्रक्रिया है।इसे माहवारी कहते हैं।

(फिर शिक्षिका ने माहवारी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी एवं उन दिनों में ध्यान रखने वाली खास बातें बताई और स्वच्छता की जानकारी दी।अब नीता खुशी-खुशी विद्यालय आती है)

कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”
शिक्षिका
मध्य विद्यालय, बाँक
जमालपुर

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One thought on “एकांकी-कुमकुम कुमारी

  1. टीचर्स ऑफ बिहार टीम को हृदय के अतल गहराईयों से सादर आभार🙏🏻

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