हम सभी जानते हैं कि योग के जीवन में ऊर्जा, तनाव से मुक्ति, मानसिक शांति, बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, एकाग्रचित और अनुशासित क्रियाकलाप के साथ साथ सकारात्मक विचार, आत्म स्वीकृति, धैर्य, संयम लाता है। साथ ही यदि हमें कोई लक्ष्य प्राप्त करना होता है जैसे वजन कम करना, किसी बीमारी से आराम या फिर तनाव कम करना हो तो योग का सहारा लेते हैं।
परन्तु योग के उक्त सभी महत्वों को मैने अपने जीवन में उतार कर इसे सिद्ध भी किया है। ऐसे तो मैं एक स्काउट मास्टर के रूप में कार्य करते हुए व्यायाम और योग की कक्षाओं का संचालन किया करता था, पर सिर्फ एक कक्षा पीरियड के रूप में। अर्थात सिर्फ बच्चों को सिखाने के लिए। अलग बात है कुछ फायदे हो जाते होंगे। परन्तु जब मैं हेपेटाइटिस सी से प्रभावित हुआ तब मेरे एक शिक्षक मित्र संजीव कुमार ने सलाह दी कि आप योग को अपने दिन चर्या में शामिल कीजिए। खतरनाक रोग का डर था, मैने योग को उन्हीं के सानिध्य में नियमित रूप से करना शुरू किया। मेहनत रंग लाई ,करीब पूरे साल भर विभिन्न योग क्रियाओं को कर के मैने हेपेटाइटिस सी जैसी बीमारी से निजात पाई है। रांची के डॉ रमेश चंद्रा भी आश्चर्य में पड़ गए थें जब मेरे टेस्ट रिपोर्ट में नेगेटिव रिजल्ट आया था। इससे प्रभावित हो कर मैने ऑनलाइन योग में सर्टिफिकेट कोर्स किया और निःशुल्क अपने मदनपुर गांव में योग कक्षा का संचालन नियमित रूप से करता हूं। योग से मेरे आयु पर भी असर दिखता है, 51 वर्ष का होने के बाद भी जवान दिखता हूं। वजन पर नियंत्रण है। रोग विकार हमसे दूर हैं।
अब योग सिर्फ मेरे ही जीवन में परिवर्तन नहीं लाया है बल्कि अपने विद्यालय के शिक्षक और छात्रों , दोस्तों आदि ने भी इसे अपना कर अपना जीवन में परिवर्तन लाए हैं।
सचमुच स्वस्थ्य आयु के लिए योग है।
धन्यवाद