विद्यालय में प्रार्थना सभा
विद्यालय में प्रार्थना सभा (Morning Assembly) दिन की शुरुआत का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह छात्रों में अनुशासन, एकाग्रता, नैतिक मूल्यों, और सामूहिक एकता की भावना विकसित करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रार्थना सभा मानसिक शांति और एकाग्रता, नैतिक और चारित्रिक विकास, सामूहिक एकता की भावना, सामान्य ज्ञान और जागरूकता, शारीरिक स्वास्थ्य और सक्रियता,मंच का भय दूर होना आदि के गुण का विकास करती है।
मैं अपने विद्यालय में प्रतिदिन प्रार्थना सभा को रोचक बनाने के जब विद्यार्थी और शिक्षक अपने दिन, अपनी कक्षाओं या अपनी गतिविधियों की शुरुआत प्रार्थना से करते हैं, तो वे यह समझते हैं कि शिक्षा केवल एक मानवीय प्रयास नहीं है, बल्कि एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें दैवीय ज्ञान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह मूलभूत समझ विद्यार्थियों के सीखने के दृष्टिकोण को बदल देती है। शिक्षा को केवल भविष्य की सफलता के लिए जानकारी या कौशल प्राप्त करने के रूप में देखने के बजाय, प्रार्थना सीखने को एक व्यापक आध्यात्मिक यात्रा के हिस्से के रूप में समझने में सहायक होती है। विद्यार्थी यह समझने लगते हैं कि ज्ञान का एक उच्च उद्देश्य है – ईश्वर को बेहतर ढंग से जानना और दूसरों की अधिक प्रभावी ढंग से सेवा करना।
इसीलिए मैं अपने विद्यालय में प्रतिदिन रोचक तरीके से नई नई आकृति बना कर प्रार्थना करवाता हूं ताकि बच्चे खुश होकर इसमें भाग ले और सारा दिन ख़ुद ऊर्जावान महसूस करते हुए पढ़ाई करें ।जैसे इस तस्वीर में H आकृति में बच्चों को खड़ा किए हैं, उसी प्रकार प्रतिदिन अलग अलग आकृति बना कर खड़ा करने से उनके लिए एक नए समझ का विकास होता हैं जो उनके ज्ञान को बढ़ाता हैं। ऐसी गतिविधि से बच्चे अधिक संख्या में प्रार्थना सभा में भाग लेते हैं और समय से विद्यालय आते हैं।
रंजन कुमार (प्रधान शिक्षक)
प्राथमिक विद्यालय गिरिजानन्द झा टोला, नरपतगंज, अररिया
