बहुभाषावाद एक से अधिक भाषाओं को बोलने , समझने, पढ़ने और लिख सकने की क्षमता है । यह व्यक्तिगत या[...]
Author: Aastha Deepali
विषय में या विषय के प्रति रुचि व जिज्ञासा जगाना शिक्षक की कला : गिरीन्द्र मोहन झाविषय में या विषय के प्रति रुचि व जिज्ञासा जगाना शिक्षक की कला : गिरीन्द्र मोहन झा
शिक्षक के तीन ही प्रमुख गुण होते हैं।- विषय का गंभीर ज्ञान (content knowledge), सम्प्रेषण कौशल(communication skill) और शिक्षण-शास्त्र(Pedagogy)। कहते[...]
बचपन और उसकी यादें : रूचिकाबचपन और उसकी यादें : रूचिका
बचपन और उसकी यादें जब भी जेहन में आ जाती हैं तो होठों पर बरबस ही मुस्कान चली आती हैं।बचपन[...]
पटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दासपटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दास
पटना विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है।अपनी ऐतिहासिक गाथा के क्रम में इस नगर के नाम कई बार[...]
शिशिर ऋतु का मध्य! : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याशिशिर ऋतु का मध्य! : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
दिसंबर के महीना! दिल्ली की ठंड। शीत लहरी! रात के 10 बज रहे थे। ऊना अपनी माँ और पापा के[...]
अंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सुरेश बहुत खुश था। पिता बनने के सुख की अनुभूति से आह्लादित वो फुले नहीं समा रहा था। बार-बार भगवान[...]
अंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
अंग्रेजी भाषा की यात्रा एक सामान्य पिछड़े कबीले से शुरू होकर जहां के सभ्य सुसंस्कृत कहे जाने वाले लोगों से[...]
प्लास्टिक हटाएँ, पर्यावरण बचाएँ : देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्लास्टिक हटाएँ, पर्यावरण बचाएँ : देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पर्यावरण हमारे लिए एक बहुचर्चित विषय है तथा यह पूरी दुनिया के लिए एक ज्वलंत समस्या है। इस वर्ष पर्यावरण[...]
प्रकृति की गोद में एक दिन (यात्रा वृत्तांत) : सुरेश कुमार गौरवप्रकृति की गोद में एक दिन (यात्रा वृत्तांत) : सुरेश कुमार गौरव
वर्षा ऋतु की प्रातःकाल थी। आकाश हल्के बादलों से ढका था और धरती पर ओस की बूंदें फूलों की पंखुड़ियों[...]
हम और हमारा पर्यावरण : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याहम और हमारा पर्यावरण : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
हम सब प्रकृति के अंग और सहचर हैं साथ ही सबसे बुद्धिमान होने का गौरव भी हमें प्राप्त है। सभ्यता[...]