Author: Aastha Deepali

पितृ दिवस विशेष : सं. गिरीन्द्र मोहन झापितृ दिवस विशेष : सं. गिरीन्द्र मोहन झा

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आज पितृ दिवस पर हमारे ग्रंथों में पिता के लिए कहे गये शब्द:(संकलन: गिरीन्द्र मोहन झा) पा रक्षणे धातु से[...]

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अलमामैटर: मस्ती की पाठशाला : मो. जाहिद हुसैनअलमामैटर: मस्ती की पाठशाला : मो. जाहिद हुसैन

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(संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-2)   यदि बच्चे के मस्तिष्क पर दबाव न पड़े तो उनमें सीखने की जिज्ञासा स्वतः जागृत होगी। बंटी का[...]

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बाबा नागार्जुन की जयन्ती : हर्ष नारायण दासबाबा नागार्जुन की जयन्ती : हर्ष नारायण दास

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नागार्जुन का जन्म1911 ईस्वी की ज्येष्ठ पूर्णिमा को वर्त्तमान मधुबनी जिले के सतलखा में हुआ था।यह सतलखा गाँव उनका ननिहाल[...]

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पहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरवपहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरव

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बचपन में कोई सिखाता नहीं कि झूठ बोलना बुरा है, पर जब बोलते हैं और पकड़े जाते हैं – तभी[...]

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कछुआ: धैर्य, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक : सुरेश कुमार गौरवकछुआ: धैर्य, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक : सुरेश कुमार गौरव

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प्रस्तावना: प्रकृति में ऐसे अनेक जीव हैं जो मौन रहते हुए भी हमें जीवन की महान शिक्षाएँ दे जाते हैं।[...]

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राजा राममोहन राय : आधुनिक भारत के अग्रदूत : सुरेश कुमार गौरवराजा राममोहन राय : आधुनिक भारत के अग्रदूत : सुरेश कुमार गौरव

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प्रस्तावना: भारत के नवजागरण की जब भी चर्चा होती है, राजा राममोहन राय का नाम सम्मानपूर्वक लिया जाता है। वे[...]

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नाम और यश : गिरीन्द्र मोहन झानाम और यश : गिरीन्द्र मोहन झा

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महापुरुष अज्ञात, निर्वाक और शांत होते हैं।महापुरुष नाम-यश के गुलाम नहीं होते हैं। वे शब्दों(निन्दा-स्तुति) के भी गुलाम नहीं होते[...]

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वट सावित्री व्रत : गिरीन्द्र मोहन झावट सावित्री व्रत : गिरीन्द्र मोहन झा

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महाभारत के वनपर्व में महामुनि मार्कण्डेय जब पाण्डवों से मिलते हैं तो पाण्डव उनसे बहुत सारे प्रश्न करते हैं, उनमें[...]

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Amarnath Trivedi

शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदी

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मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । वह बंधनों से मुक्त होना नहीं चाहता । वह इससे जुड़कर ही अपनी कामयाबी[...]

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आशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरवआशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:22 pm

जीवन एक प्रवाह है—कभी शांत, कभी उग्र; कभी सरल, तो कभी दुर्गम। इस प्रवाह के मध्य यदि कोई तत्व हमें[...]

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