दिसंबर के महीना! दिल्ली की ठंड। शीत लहरी! रात के 10 बज रहे थे। ऊना अपनी माँ और पापा के[...]
Author: Aastha Deepali
अंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सुरेश बहुत खुश था। पिता बनने के सुख की अनुभूति से आह्लादित वो फुले नहीं समा रहा था। बार-बार भगवान[...]
अंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
अंग्रेजी भाषा की यात्रा एक सामान्य पिछड़े कबीले से शुरू होकर जहां के सभ्य सुसंस्कृत कहे जाने वाले लोगों से[...]
प्लास्टिक हटाएँ, पर्यावरण बचाएँ : देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्लास्टिक हटाएँ, पर्यावरण बचाएँ : देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
पर्यावरण हमारे लिए एक बहुचर्चित विषय है तथा यह पूरी दुनिया के लिए एक ज्वलंत समस्या है। इस वर्ष पर्यावरण[...]
प्रकृति की गोद में एक दिन (यात्रा वृत्तांत) : सुरेश कुमार गौरवप्रकृति की गोद में एक दिन (यात्रा वृत्तांत) : सुरेश कुमार गौरव
वर्षा ऋतु की प्रातःकाल थी। आकाश हल्के बादलों से ढका था और धरती पर ओस की बूंदें फूलों की पंखुड़ियों[...]
हम और हमारा पर्यावरण : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याहम और हमारा पर्यावरण : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
हम सब प्रकृति के अंग और सहचर हैं साथ ही सबसे बुद्धिमान होने का गौरव भी हमें प्राप्त है। सभ्यता[...]
फूल और पर्यावरण : रूचिकाफूल और पर्यावरण : रूचिका
“माँ! माँ देखो न मैं कितने सारे फूल तोड़ कर लाया हूँ।” अति उत्साह से यह कहते हुए दस वर्षीय[...]
पर्यावरण: जीवन का आधार और उत्तरदायित्व : सुरेश कुमार गौरवपर्यावरण: जीवन का आधार और उत्तरदायित्व : सुरेश कुमार गौरव
भूमिका: पर्यावरण शब्द उस समग्र प्राकृतिक परिवेश को दर्शाता है जिसमें हम सभी जीवित प्राणी सांस लेते हैं, जीवनयापन करते[...]
रूपा ने पेड़ लगाई स्वच्छ पर्यावरण पाई : नीतू रानीरूपा ने पेड़ लगाई स्वच्छ पर्यावरण पाई : नीतू रानी
एक लड़की थी उसका नाम था रूपा। रूपा रोज स्कूल जाती थी। जब स्कूल से घर आती तो उसको घर[...]
निष्प्रभावी होता सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : आशीष अम्बरनिष्प्रभावी होता सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : आशीष अम्बर
प्लास्टिक के खतरनाक प्रभावों को देखते हुए भारत को ‘ सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त भारत ‘ बनाने के लिए[...]