पर्यावरण हम मानव जाति के लिए ईश्वर का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ उपहार है। पर्यावरण की वजह से ही हम मानव[...]
Author: Aastha Deepali
वृक्षारोपण-वृक्षसंरक्षण : गिरीन्द्र मोहन झावृक्षारोपण-वृक्षसंरक्षण : गिरीन्द्र मोहन झा
भारतीय संस्कृति में पर्यावरण/प्रकृति के सभी जीवनी-शक्तिदायिनी घटकों को देवतुल्य मानकर उनके प्रति श्रद्धा रखी जाती है। प्रथम सद्ग्रंथ वेद,[...]
प्रकृति के साथ पुनः जुड़ाव की पुकार : सुरेश कुमार गौरवप्रकृति के साथ पुनः जुड़ाव की पुकार : सुरेश कुमार गौरव
परिचय: हर वर्ष 5 जून को सम्पूर्ण विश्व में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक दिवस नहीं,[...]
पर्यावरणीय चुनौतियाँ और हम : आशीष अम्बरपर्यावरणीय चुनौतियाँ और हम : आशीष अम्बर
हमें जो स्वस्थ पर्यावरण विरासत में मिला है , वह हमारे पास भावी पीढ़ियों की धरोहर है । भावी पीढ़ी[...]
भाषा शिक्षण में अंग्रेज़ी भाषा की सार्थकता : सुरेश कुमार गौरवभाषा शिक्षण में अंग्रेज़ी भाषा की सार्थकता : सुरेश कुमार गौरव
भूमिका: भाषा न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और विकास का सेतु भी है। भारत जैसे बहुभाषी[...]
छात्र, शिक्षक और अभिभावकों के बीच त्रिकोणीय संबंध और शिक्षा का सतत् विकास : सुरेश कुमार गौरवछात्र, शिक्षक और अभिभावकों के बीच त्रिकोणीय संबंध और शिक्षा का सतत् विकास : सुरेश कुमार गौरव
प्रस्तावना: शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान का हस्तांतरण नहीं अपितु एक निरंतर प्रगतिशील प्रक्रिया है जो व्यक्ति के विचार, व्यवहार और[...]
कर्म और उसका फल : गिरीन्द्र मोहन झाकर्म और उसका फल : गिरीन्द्र मोहन झा
संस्कृत भाषा के कृ धातु में अच् प्रत्यय के योग से कर्म शब्द बना है। यत् क्रियते तत् कर्म अर्थात्[...]
एक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरवएक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरव
गौरी को जब पहली बार आसमान में उड़ते हवाई जहाज़ को देखने का मौका मिला, वह बस चुपचाप उसे देखती[...]
मैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सलमा धीरे धीरे आकर मेरे बगल में झिझकते और शर्माती हुई ख़डी हो गई। पहले तो मैंने उसे तवज्जो नहीं[...]
बबली की पाठशाला : मो. ज़ाहिद हुसैनबबली की पाठशाला : मो. ज़ाहिद हुसैन
संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-1( प्रथम पाठशाला) बच्चे जब पैदा होते हैं तो वे नये परिवेश में रोते हैं। मां जब[...]