बिहार स्थापना दिवस-अशोक कुमार - गद्य गुँजन

बिहार स्थापना दिवस-अशोक कुमार

बिहार स्थापना दिवस

            सभी दोस्तों को बिहार स्थापना दिवस पर हार्दिक अभिनंदन है। 22 मार्च 1912 में बिहार को बंगाल के प्रेसीडेंसी से अलग कर राज्य बनाया गया था इसलिए हर साल राज्य सरकार 22 मार्च को बिहार स्थापना दिवस के रूप में मनाती है। साथ ही बिहार स्थापना दिवस सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम-धाम से मनाया जाता है। बिहार स्थापना दिवस राज्य के सरकारी स्कूलों में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन चित्रांकन प्रतियोगिता, रंगोली, क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। बिहार का आधुनिक इतिहास 1857 के प्रथम सिपाही विद्रोह में बिहार के बाबू कुंवर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1912 में बंगाल विभाजन के फलस्वरूप बिहार नाम का राज्य अस्तित्व में आया। 1935 में उड़ीसा इससे अलग कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के चंपारण के विद्रोह को अंग्रेजो के खिलाफ बगावत फैलाने में अग्रगण्य घटनाओं में से एक गिना जाता है। स्वतंत्रता के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और सन 2000 में झारखंड राज्य से अलग कर दिया गया। बिहार नाम का प्रादुर्भाव संभवत: बौद्ध विहारों के विहार शब्द से हुआ है। यह गंगा नदी तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों में बसा है। बिहार को मगध के नाम से भी जाना जाता था। बिहार की राजधानी पटना का पहला नाम पाटलिपुत्र है। बिहार के उत्तर में नेपाल दक्षिण में झारखंड पूर्व में पश्चिम बंगाल तथा पश्चिम में उत्तर प्रदेश है। बिहार के 75% लोग कृषि पर आधारित है। एक समय था जब बिहार शिक्षा के सर्व प्रमुख केंद्रों में गिना जाता था। नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय और ओदंतपुरी विश्वविद्यालय प्राचीन बिहार के गौरवशाली अध्ययन केंद्र थे। बिहार का लोकप्रिय व्यंजन लिट्टी-चोखा है। यह दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। हम इस वर्ष भी धूम-धाम से बिहार स्थापना दिवस मनाए तथा समाज में व्याप्त नशा मुक्ति, बाल विवाह पर रोक, जल जीवन हरियाली एवं प्रवेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालन पर बल देकर इसे सफल बनाएं। हम सरकार के कदम से कदम मिलाकर राज्य की प्रगति में अपना हाथ बटाएं।

आओ हम सब मिलकर हर्ष मनाएं,
22 मार्च को बिहार स्थापना दिवस मनाएं।
यह है ऐतिहासिक दिन,
बंगाल बिहार से अलग हुआ उस दिन।।

अपने विद्यालय में खुशियां मनाएं,
चित्रांकन, क्विज, दीप, रंगोली जरूर बनवाएं।
सभी बच्चों को यह जरूर बताएं,
22 मार्च को हम जरूर स्थापना दिवस मनााएं।।

हम हैं परिश्रमी दृढ़ विश्वासी,
एक दिन जरूर आएगी हमारी बारी।
हमारे अंदर अगर आत्मबल होगा,
देश में हमारा बिहार भी अग्रणी होगा।।

नशा, धूम्रपान को दूर भगाएंगे,
वही पैसा शिक्षा में लगाएंगे।
पढ़ेंगे हमारी बेटा एवं बिटिया,
चैन से खाएंगे दो जून की रोटियां।।

आप है तो हमें है पूर्ण विश्वास,
आओ हम सब मिलकर करें प्रयास।
कदम से कदम मिलाकर चलें,
अपनी कामयाबी का रचे इतिहास ।।

अशोक कुमार
न्यू प्राथमिक विद्यालय भटवलिया
नुआंव कैमूर

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2 thoughts on “बिहार स्थापना दिवस-अशोक कुमार

  1. बहुत बहुत धन्यवाद टीचर्स आफ बिहार

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