हमारा देश हमारी जिम्मेदारी-शालिनी कुमारी - गद्य गुँजन

हमारा देश हमारी जिम्मेदारी-शालिनी कुमारी

हमारा देश हमारी जिम्मेदारी

          अपने देश की जिम्मेदारी निभाने के लिए किसी विशेष समय या परिस्थिति की आवश्यकता नहीं होती। यह हमारा मौलिक कर्तव्य है कि हम अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझें और आवश्यकतानुसार उसका निर्वहन अथवा निष्पादन कर अपने दैनिक जीवन की दिनचर्या में इसे शामिल करें। इसके तहत हम स्वच्छता, गरीबी, प्रदूषण आदि पर कार्य कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकते हैं। हमें “लाओ तुज़” के इस प्रसिद्ध कथन को कभी नहीं भूलना चाहिए कि “हजारों कोसों की यात्रा एक कदम से शुरू होती है।” इसलिए हमें सबसे पहले स्वयं को जागरूक कर अपने कर्तव्य और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने का प्रयास करना चाहिए तभी सही मायनों में हम देश के प्रति अपनी निष्ठा को सकारात्मक रूप दे सकते हैं |

शालिनी कुमारी
शिक्षिका
राजकीय मध्य विद्यालय धनुषी
मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार )
(स्वरचित मौलिक आलेख)

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One thought on “हमारा देश हमारी जिम्मेदारी-शालिनी कुमारी

  1. बेशक हमारा देश हमारी जिम्मेदारी । बहुत अच्छी लघुकथा ।

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