हर नागरिक बने देशभक्त-मृदुला सिन्हा - गद्य गुँजन

हर नागरिक बने देशभक्त-मृदुला सिन्हा

हर नागरिक बने देशभक्त

          हमारा देश भारत अत्यंत विशाल आबादी वाला, प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर, पर आजादी के लगभग 74 वर्षों के बाद भी आज एक विकासशील देश के रूप में जाना जाता है। आखिर क्या वजह है कि हमसे आबादी में काफी कम जापान एक विकसित राष्ट्र बन गया पर हम आज भी विकासशील राष्ट्र की श्रेणी में हैं।

इसकी सबसे बड़ी वजह है- देशभक्ति के जज्बे में कमी। भारत का प्रत्येक नागरिक यह चाहता तो है कि उसका देश विश्व के मानस पटल पर सूर्य की तरह प्रकाशमान हो पर उसके लिए सिर्फ इच्छा का होना काफी नहीं बल्कि हमें अपने कार्य क्षेत्र में लगन से कार्य करना होगा। लोग यह सोचते हैं कि देशभक्ति से तात्पर्य सिर्फ सीमा पर लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर करना है और यह सिर्फ हमारे वीर सैनिकों का कार्य है। पर हम यह भूल जाते हैं कि देश हम सबका है और यह तभी उन्नति करेगा जब सारे लोग मिलकर योगदान देंगे। जब भारत का प्रत्येक नागरिक देशभक्त बनेगा। देशभक्ति का अर्थ सिर्फ देश के लिए जान देना नहीं बल्कि देश की सेवा करना है। इसके लिए नितांत आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक अपने कार्य क्षेत्र में ईमानदारी पूर्वक कार्य करें। यदि डॉक्टर अपने मरीज का सही से इलाज करें, शिक्षक अपने कर्तव्यों का उत्कृष्ट निर्वहन करते हुए राष्ट्र के भविष्य निर्माता बने, वैज्ञानिक देश हित को ध्यान में रखते हुए नित नए अनुसंधान करें, इंजीनियर सामाजिक आवश्यकताओं को देखते हुए देश निर्माण करें, प्रतिभाशाली छात्र अपने देश से पलायन न कर देश का विकास करें, सफाई कर्मचारी सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित भी करें, किसान रासायनिक उर्वरक रहित स्वस्थ अनाज उत्पन्न करें तो यह भी देशभक्ति की ही श्रेणी में आएगा जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से देश को विकास के पथ पर आगे ले जाएगा।

हमारा लक्ष्य मुश्किल जरूर है पर नामुमकिन नहीं और यदि हम मिलकर कार्य करें तो हमारा विकसित राष्ट्र बनने का सपना जरूर साकार होगा। बस जरूरत सिर्फ इस बात की है कि प्रत्येक नागरिक देश को अपना परिवार समझे। कोई भी कार्य करने से पहले देश हित के बारे में सोचे और उस कार्य से देश पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह सोचते हुए कार्य करे। दूसरों के कार्यों की आलोचना से पहले हम यह सोचें कि हम अपने देश के लिए क्या कर रहे हैं। जिस दिन हम यह सोचकर कार्य करना प्रारंभ करेंगे, उस दिन से हम विकसित राष्ट्र बनने की राह में पहला कदम रखेंगे।

मैं चला, तुम चले, हम चले, कारवां बनता गया।
कदम से कदम मिले, देश आसमां छूता गया।।

मृदुला सिन्हा
मध्य विद्यालय सिंदुआर
दाउदनगर, औरंगाबाद

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2 thoughts on “हर नागरिक बने देशभक्त-मृदुला सिन्हा

  1. बेहतरीन एवं प्रेरणादायक लेख।

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