गद्य गुँजन योगदूत 2026 विषय : योग ने मेरे जीवन में क्या परिवर्तन लाया – BRAJESH KUMAR

विषय : योग ने मेरे जीवन में क्या परिवर्तन लाया – BRAJESH KUMAR



संस्मरण लेखन प्रतियोगिता

विषय : योग ने मेरे जीवन में क्या परिवर्तन लाया

नाम : ब्रजेश कुमार

पद : प्रधान शिक्षक

विद्यालय : न्यू प्राथमिक विद्यालय, कझारघाट, कुदरा, कैमूर

मोबाइल नं. : 6202586438

योग ने मेरे जीवन में क्या परिवर्तन लाया:-मनुष्य के जीवन में कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जो उसकी सोच, आदतों और जीवनशैली को नई दिशा दे देते हैं। मेरे जीवन में योग ऐसा ही एक अनुभव है। आज जब मैं अपने बीते वर्षों पर दृष्टि डालता हूँ, तो महसूस करता हूँ कि योग ने मेरे जीवन में केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी सकारात्मक परिवर्तन लाया है। यह परिवर्तन धीरे-धीरे हुआ, पर इतना गहरा है कि अब योग मेरे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है।प्रधान शिक्षक के रूप में विद्यालय संचालन, शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, विभागीय कार्यों का निष्पादन तथा सामाजिक दायित्वों के कारण मेरी दिनचर्या काफी व्यस्त रहती थी। लंबे समय तक बैठकर कार्य करने, समय की कमी और अनियमित दिनचर्या के कारण शरीर में जकड़न, थकान तथा कभी-कभी सिर में भारीपन महसूस होता था। बढ़ती उम्र के साथ इन समस्याओं का प्रभाव और अधिक दिखाई देने लगा। कई बार ऐसा लगता था कि दिनभर की व्यस्तता मन और शरीर दोनों को थका देती है।इसी दौरान विद्यालय में आयोजित योग संबंधी कार्यक्रमों और विभिन्न प्रशिक्षणों में भाग लेने का अवसर मिला। वहाँ योग के महत्व और उसके वैज्ञानिक आधार के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त हुई। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन को संतुलित करने की एक प्रभावशाली पद्धति है। उसी समय मैंने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।

प्रारंभ में मैंने कुछ सरल आसनों और प्राणायाम से शुरुआत की। प्रतिदिन सुबह थोड़ी देर ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन तथा अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करने लगा। आरंभ में यह केवल एक नई आदत थी, लेकिन कुछ ही सप्ताह बाद इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट दिखाई देने लगे। शरीर में पहले की अपेक्षा अधिक स्फूर्ति महसूस होने लगी। सुबह उठने में आसानी होने लगी और पूरे दिन कार्य करने की ऊर्जा बनी रहती थी।

योग का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव मेरे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा। पहले कार्यों की अधिकता के कारण कभी-कभी तनाव महसूस होता था। कई बार छोटी-छोटी समस्याएँ भी बड़ी प्रतीत होती थीं। लेकिन नियमित प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास ने मन को शांत और स्थिर बनाना शुरू किया। अब परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, उन्हें धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ देखने की क्षमता विकसित हुई है। योग ने मुझे यह सिखाया कि समस्याओं से घबराने के बजाय उनका समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए।

विद्यालय में बच्चों के साथ कार्य करते हुए मैंने यह भी अनुभव किया कि शिक्षक का व्यक्तित्व विद्यार्थियों को बहुत प्रभावित करता है। जब शिक्षक स्वयं स्वस्थ, प्रसन्न और ऊर्जावान रहता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर भी पड़ता है। योग के कारण मेरे व्यवहार में संयम और आत्मविश्वास बढ़ा है। विद्यार्थियों के साथ संवाद अधिक सहज हुआ है और विद्यालय का वातावरण भी अधिक सकारात्मक महसूस होता है।

एक व्यक्तिगत अनुभव मेरे लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा। कुछ समय पहले गर्दन और सिर से संबंधित असुविधा के कारण कभी-कभी चक्कर जैसा अनुभव होता था। चिकित्सकीय परामर्श के साथ-साथ जब मैंने नियमित रूप से योग एवं गर्दन संबंधी व्यायामों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया, तो काफी राहत महसूस हुई। इस अनुभव ने मेरा विश्वास और अधिक मजबूत किया कि योग केवल रोगों से बचाव का माध्यम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को बनाए रखने की जीवनशैली है।

योग ने मेरी दिनचर्या में अनुशासन भी विकसित किया है। अब समय पर जागना, नियमित दिनचर्या का पालन करना और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना मेरी आदत बन चुकी है। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ है। मुझे लगता है कि योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और उसे अपनी वास्तविक क्षमताओं का परिचय कराता है।

आज योग विश्वभर में भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर के रूप में सम्मान प्राप्त कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि योग मानवता को स्वस्थ और संतुलित जीवन प्रदान करने की क्षमता रखता है। एक शिक्षक के रूप में मैं भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को योग अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता हूँ, क्योंकि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

अंततः मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि योग ने मेरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की नई ऊर्जा भर दी है। इसने मुझे शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति, आत्मविश्वास, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान किया है। मेरे लिए योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का मार्ग है।

“योग ने मुझे स्वयं से जुड़ना सिखाया है और यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन है।”

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