बड़ी सोंच का बड़ा जादू-अनुज वर्मा - गद्य गुँजन

बड़ी सोंच का बड़ा जादू-अनुज वर्मा

Anuj

बड़ी सोंच का बड़ा जादू

          वर्तमान समय बहुत नाजुक है क्योंकि कोरोना वैश्विक महामारी सम्पूर्ण विश्व में अपनी अदृश्य ताकत दिखा रहा है।

भारत ने कोरोना की पहली लहर 2020 को सफलता पूर्वक लड़ा और संक्रमण को कम कर पाया। यह सभी के भागीदारी एवं कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के कारण संभव हो सका था।
परंतु जैसे-जैसे कोरोना के संक्रमण में कमी आया, वैसे-वैसे सभी मास्क लगाना, हाथों को नियमित रूप से धोना छोड़ दिया। लोग सबकुछ भूलकर भीड़ में शामिल होने लगे, कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाई गई। जिसका परिणाम आज हमारे सामने है।

वर्तमान कोरोना वाइरस पिछले कोरोना वाइरस से म्युटेशन द्वारा बना शक्तिशाली और अधिक तीव्र संक्रमण वाला है। यह काफी तीव्र गति से फैलना शुरू किया और हमलोग अनभिज्ञ और लापरवाह बने रहे। जब-तक पता चला और सतर्क हुए तब-तक इसके चौकाने वाले परिणाम सामने आने शुरू हो गए। परंतु अब भी यदि हम सतर्क हो जाएं और कोरोना गाइड लाइन का पालन करें और इरादा मजबूत रखे तो मजबूत होसले के साथ इसके संक्रमण गति में फिर से विराम लगा सकते हैं।

2020 मे न तो टीका था और न हीं हम तैयार थे परंतु आज टीका भी है, तैयारी और जानकारी भी फिर भी क्यों हम भयवश जी रहे हैं! विश्वाश कीजिये ये बुरा वक्त जल्द ही गुजर जायेगा। कुछ लोग टीका लेने से कतराते हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूँ कि मैंने भी टीका लगवाया है। सच मानिये मैं पहले से बेहतर महसूस कर रहा हूँ।

आज सभी जगह नकारात्मक सोच और विचार तेजी से फैल रहे हैं जिसके कारण भय का वातावरण बना हुआ है। कितने लोग ठीक हो रहे हैं अपने साहस से ये कोई नही बताता परंतु नकारात्मक विचार जरूर प्रेषित करते हैं। हिम्मत से काम लेना है, सभी लोग टीका जरूर लगाएँ क्योंकि यह हमारे लिए कोरोना से लड़ने और संक्रमण कम करने का सबसे बड़ा हथियार है।

टीका लगवाकर ही नाईजीरिया और अन्य देश कोरोना पर लगाम लगाने में कामयाब हुआ है। भारत में अभी टायफाइड, इंफ्लूएजा, निमोनिया, फ्लु इत्यादि कई बीमारी के संक्रमण फैल रहे हैं। कुछ लोग भयवश इसे कोरोना समझ कर डर रहे हैं और भय से अपनी जान गवां रहे हैं। लोग मानसिक रूप से विक्षुब्ध हो रहे हैं। हमारा मस्तिस्क जैसा सोचता है, उस तरह के लक्षण हमें प्रतीत होने लगते हैं। अतः अपनी सोंच सकारात्मक और मजबूत रखें, बिल्कुल भी न डरें, नकारात्मक बात न सुने न सुनाएँ क्योंकि चिंता से चतुराई घट जाती है। आपका इरादा मजबूत और सोंच बड़ी होनी चाहिये फिर सबकुछ अच्छा हीं होगा। अच्छा सोंचें, अच्छा करें, भयभीत न हों, सुरक्षित रहें और सबको सुरक्षित रखें। विषम परिस्थितियों का घर पर रहकर मुकाबला करें और कोरोना गाइड लाइन का पालन करें, निश्चित ये बुरा वक्त गुजर जायेगा।

समय नाजुक है, नाजुक घड़ी में जो हिम्मत दिखाता है वही शेर कहलाता है। मानव ने अपनी बुद्धि से सभी पर विजय पताका फहराने का काम किया है, इसपर भी फहराना है।

बस सफाई, दवाई और कड़ाई,
जीतेंगे कोरोना से हम लडाई।
घर पर रहें सुरक्षित रहें।

मैं तो बस इतना हीं कहूंगा

रख हौसला तूँ बुलंद,
वक्त ये गुजर जाएंगे
खुशियाँ लौट आएगी जल्दी
मिलकर जश्न मनाएंगे।

अनुज वर्मा
मध्य विद्यालय बेलवा कटिहार
बिहार

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