गद्य गुँजन Uncategorized श्रेय का लालच…गिरींद्र मोहन झा

श्रेय का लालच…गिरींद्र मोहन झा

श्रेय का लालच भी एक प्रकार का लालच है। कहते हैं, “श्रेय मिले या न मिले, मनुष्य को अपना श्रेष्ठ देते रहना चाहिए। अपने कर्त्तव्य का पालन करते रहना चाहिए।”
…..इसरो के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सतीश धवन जब अपने मिशन में असफल हुए तो असफलता का दायित्व स्वयं पर लिया, जिस बार सफल हुए, तो सफलता का श्रेय खुद पर न लेकर अपनी टीम को दिया । यही एक सच्चे लीडर(नेतृत्वकर्ता) की पहचान है।
…….गिरीन्द्र मोहन झा(स्वरचित)

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