गद्य गुँजन योगदूत 2026 मेरे हाथों का दर्द और योग काम जादू – JYOTSANA VARDHAN

मेरे हाथों का दर्द और योग काम जादू – JYOTSANA VARDHAN



शीर्षक: मेरे हाथों का दर्द और योग का जादू

 नाम: आद्रिका, कक्षा-5 बी, सेंट जेवियर इंटरनेशनल स्कूल मुजफ्फरपुर, बिहार।

कुछ दिन पहले की बात है। स्कूल में परीक्षा नज़दीक थी, इसलिए हमें बहुत सारा गृहकार्य मिला। हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान – हर विषय की कॉपी भरनी थी। मैं सुबह से शाम तक लिखती रही। लिखते-लिखते मेरी उंगलियों और कलाई में तेज़ दर्द होने लगा। रात को पेन पकड़ना भी मुश्किल हो गया। मम्मी ने दर्द की दवा लगाने को कहा, पर मुझे लगा कि दवा से तो बस थोड़ी देर आराम मिलेगा।

तभी मुझे याद आया कि पिछली बार योग दिवस पर हमारी PT मैम ने हाथों के लिए कुछ आसन सिखाए थे। मैंने सोचा, “क्यों न योग करके देखूँ?” 

अगली सुबह मैंने यू-ट्यूब पर देखकर 10 मिनट योग किया। मैंने ताड़ासन, हस्त उत्तानासन और कलाई घुमाने वाले सूक्ष्म व्यायाम किए। साथ में 5 मिनट अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी किया। पहले दिन थोड़ा अजीब लगा, पर शरीर हल्का महसूस हुआ।

मैंने ठान लिया कि रोज़ सुबह स्कूल जाने से पहले 15 मिनट योग करूँगी। दूसरे दिन दर्द थोड़ा कम था। तीसरे दिन मैं बिना रुके अपना गृहकार्य पूरा कर पाई। और चौथे दिन तो कमाल हो गया – मेरे हाथों का दर्द बिल्कुल गायब! मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि बिना दवा के सिर्फ योग से इतना फायदा हो सकता है।

उस दिन समझ आया कि योग सिर्फ बड़ों के लिए नहीं है। हम बच्चों के लिए भी ये बहुत जरूरी है। अब मैं रोज़ सुबह उठकर सूर्य नमस्कार करती हूँ। इससे मेरा मन पढ़ाई में लगता है, थकान नहीं होती और मैं पूरे दिन खुश रहती हूँ। 

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। हमारे स्कूल में भी उस दिन विशेष योग सभा होती है। मैं चाहती हूँ कि मेरे सभी दोस्त भी रोज़ योग करें। योग करने से हमारा शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न रहता है। बीमारी हमसे दूर भागती है।

आप सभी को योग दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। आशा करती हूँ कि आप भी मेरी तरह योग को अपना दोस्त बना लेंगे।

जो लोग योग करते हैं, उनके लिए यह बहुत लाभदायक है। जो लोग योग नहीं करते, वे सुबह या शाम खाली पेट योग कर सकते हैं। मेरे विद्यालय में भी योग कराया जाता है — सर्दियों में भी और गर्मियों में भी। पर गर्मी में कुछ देर के लिए ही योग कराते हैं, क्योंकि बहुत तेज़ धूप होती है। 

मेरे विद्यालय में व्यायाम भी कराया जाता है। सर्दी के मौसम में योग और व्यायाम करने से शरीर में गर्मी आती है, जिससे हमें ज्यादा ठंड नहीं लगती। इसलिए सर्दियों के समय हमें खूब व्यायाम करना चाहिए।

व्यायाम करने से हमारा मन शांत रहता है और हम एकाग्रचित्त रहते हैं, जिससे पढ़ाई में खूब ध्यान लगता है। हमारा ध्यान बहुत जल्दी इधर-उधर भटक जाता है, पर व्यायाम और योग करने से हमारा मन एक जगह स्थिर रहता है।

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