Author: Aastha Deepali

रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बररूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बर

0 Comments 10:16 am

बात पुराने समय की है। किसी राज्य में एक बादशाह थें। उन्हें अपने राज – काज चलाने में कठिनाई हो[...]

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मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदीमास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी

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रमेश और सुरेश दोस्त है। दोनो ने साथ में पढ़ाई की और एक साथ पले बढ़े। दोनों आज भी सम्पर्क[...]

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हमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठकहमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठक

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बात आज से 27 वर्ष पूर्व की है। उस समय मोबाइल का नामोनिशान नहीं था। कम्प्यूटर की शुरुआत हो चुकी[...]

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वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारीवर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारी

“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है शिक्षा स्वयं जीवन है”- जॉन डेवी आज हमारे देश में सच्चरित्रता की बहुत कमी[...]

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कुछ रिश्ते शब्दों से परे होतें हैं : चन्दन कुमार उर्फ मनीष अग्रवालकुछ रिश्ते शब्दों से परे होतें हैं : चन्दन कुमार उर्फ मनीष अग्रवाल

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(एक शिक्षक की आत्मीय यात्रा)लेख विधा :- संस्मरण कुछ रिश्ते शब्दों से परे होते हैं, और कुछ पलों की आवाजें[...]

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जल जीवन हरियाली : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याजल जीवन हरियाली : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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आज छुट्टी का दिन था, सुरेश सुबह के नाश्ते के बाद बालकनी में चाय की चुस्की ले रहा था ।[...]

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असली तोहफा : रूचिकाअसली तोहफा : रूचिका

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विद्यालय में उत्सव का माहौल था।बच्चे शिक्षक दिवस की तैयारियों में लगें थें। कहीं कुछ बच्चे गुब्बारे में हवा भर[...]

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