Category: हिन्दी कहानी

मैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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सलमा धीरे धीरे आकर मेरे बगल में झिझकते और शर्माती हुई ख़डी हो गई। पहले तो मैंने उसे तवज्जो नहीं[...]

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बबली की पाठशाला : मो. ज़ाहिद हुसैनबबली की पाठशाला : मो. ज़ाहिद हुसैन

1 Comment 9:54 pm

संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-1( प्रथम पाठशाला) बच्चे जब पैदा होते हैं तो वे नये परिवेश में रोते हैं। मां जब[...]

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lovely kumari

सुनीता का त्याग : लवली कुमारीसुनीता का त्याग : लवली कुमारी

0 Comments 9:45 pm

खट-खट की आवाज सुन कर सुनीता ने कहा, “नैना देखो तो दरवाजा पर कोई आया है।” “मां, पार्सल वाले भैया[...]

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असफलता से सफलता तक- सुरेश कुमार गौरवअसफलता से सफलता तक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:35 pm

रवि एक मेहनती लेकिन साधारण छात्र था। माध्यमिक की परीक्षा में असफल होने के बाद उसकी दुनिया जैसे अंधकारमय हो[...]

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परीक्षा का सच- सुरेश कुमार गौरवपरीक्षा का सच- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:31 pm

गाँव के छोटे से स्कूल में पढ़ने वाला सूरज पढ़ाई में औसत था। परीक्षा का नाम सुनते ही उसके माथे[...]

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जीवन का दीपक- सुरेश कुमार गौरवजीवन का दीपक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:48 pm

गाँव के अंतिम छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी में बुजुर्ग हरिश्चंद्र रहते थे। उम्र के अंतिम पड़ाव पर उनका न[...]

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रजिया की शादी- नीतू रानीरजिया की शादी- नीतू रानी

0 Comments 11:59 am

रजिया की माँ रजिया की शादी बारह वर्ष में करवा देना चाहती थी। यानी कि “बाल विवाह”, क्योंकि अगर रजिया[...]

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चहारदीवारी तोड़कर निकली मनीषा- नीतू रानीचहारदीवारी तोड़कर निकली मनीषा- नीतू रानी

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एक हरिजन परिवार में पली-बढ़ी मनीषा।मनीषा का सपना था जो मैं बड़ी होकर पढ़ -लिखकर कुछ बनूँ । लेकिन उसके[...]

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छाँव की पंचायत- सुरेश कुमार गौरव छाँव की पंचायत- सुरेश कुमार गौरव 

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गर्मी की तपती दोपहर थी। खेतों के किनारे सात-आठ वृक्षों के झुंड छाया बिखेर रही थी। उनकी शाखाएँ ऐसे फैलीं[...]

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