डी.के. हॉस्पिटल पूर्णियां की दूसरी मंजिल के डायलिसिस वार्ड में मनोज नर कंकाल की तरह मोटे बेड पर लेटा हुआ[...]
Category: हिन्दी कहानी
दशहरा का कपड़ा : अरविंद कुमारदशहरा का कपड़ा : अरविंद कुमार
रानीगंज भरगामा मोड़ से लेकर फारबिसगंज वाली रोड के पेट्रोल पंप तक तथा इधर अररिया वाली रोड में काली मंदिर[...]
दो टुकड़े वाली नोट : अरविंद कुमारदो टुकड़े वाली नोट : अरविंद कुमार
बचपन में रामू महतो और मनोहर सिंह के बीच दांत कटी दोस्ती थी, ना जात का बंधन ना अमीरी का[...]
स्त्री का दर्द : रूचिकास्त्री का दर्द : रूचिका
सरिता जी की कामवाली सरला आज फिर देर से आई। सरिता जी ने कहा, “सरला,आज फिर तूने देर कर दी[...]
उद्धार : अरविंद कुमारउद्धार : अरविंद कुमार
” राम..नाम..सत्य..है,सब.. का..यही.. गत..है.राम..नाम…सत्य..है..सब ..का ..यही ..गत .है ” के नारे के साथ रंगीन कागज से सजी भागवत दास की[...]
दोहरा चेहरा : रूचिकादोहरा चेहरा : रूचिका
तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुधा जी का जोरदार स्वागत किया गया। सुधा जी को नारी उत्थान के क्षेत्र में[...]
राखी का वचन : रूचिकाराखी का वचन : रूचिका
दीदी,जल्दी से राखी बाँधो, तभी न मैं तुम्हारी हर मुसीबत से रक्षा करूँगा। दस वर्षीय सोनू ने अपनी पंद्रह वर्षीय[...]
एक और सुबह : अरविंद कुमारएक और सुबह : अरविंद कुमार
आ..छी..ईईईईई ..। ऊह…,हे..रे..भागता है की नहीं उधर ” दशरथ ओझा ने मंगलू के छींकने पर अपना मुंह बनाते हुए कहा।[...]
पिता की सीख : कुमारी निधिपिता की सीख : कुमारी निधि
रोहन तब बारहवीं में पढ़ रहा था। वह पढ़ने में बहुत होशियार था। रोहन के पिता ने उसे कोई कमी[...]
एक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरवएक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरव
गौरी को जब पहली बार आसमान में उड़ते हवाई जहाज़ को देखने का मौका मिला, वह बस चुपचाप उसे देखती[...]