परिचय : मानव समाज विचारों, अभिव्यक्तियों और रचनात्मक प्रवृत्तियों का एक जीवंत समुच्चय है। इन प्रवृत्तियों को दिशा देने, संवारने[...]
Category: शैक्षणिक
हिंदी में रोजगार की संभावनाएं- आशीष अम्बरहिंदी में रोजगार की संभावनाएं- आशीष अम्बर
हिंदी हमारे देश की राजभाषा है। आज हिंदी भाषा के बढ़ते चलन और वैश्विक रूप ने रोजगार की अनेक संभावनाओं[...]
पेड़-पौधों में भारत विश्व में दसवें स्थान पर-सुरेश कुमार गौरवपेड़-पौधों में भारत विश्व में दसवें स्थान पर-सुरेश कुमार गौरव
इस लेख को तैयार करने के बाद ज्ञात हुआ कि विश्व में लगभग तीन ट्रिलियन से अधिक पेड़ हैं। लेकिन[...]
सम्राट अशोक मौर्य : युद्ध से धम्म तक की यात्रा- सुरेश कुमार गौरवसम्राट अशोक मौर्य : युद्ध से धम्म तक की यात्रा- सुरेश कुमार गौरव
भारतवर्ष के इतिहास में जब भी एक ऐसे सम्राट की चर्चा होती है जिसने केवल तलवार की धार से नहीं,[...]
बच्चों की होली- लवली कुमारीबच्चों की होली- लवली कुमारी
अरे मुझे नहीं देखो -देखो इसे लगाओमोहन ,राजा, मीना ,गीता आज विधालय में बहुत मस्ती कर रहे थे। क्योंकि कल[...]
पगला है- संजीव प्रियदर्शीपगला है- संजीव प्रियदर्शी
लघुकथा सनोज दास जिस दिन नौकरी में आये,उस दिन उनके हिस्से की ऊपरी कमाई ढ़ाई सौ रुपये बनती थी।साथी अहलकार[...]
जूठा-श्री विमल कुमार “विनोद”जूठा-श्री विमल कुमार “विनोद”
ओपनिंग दृश्य-विवाह स्थल का दृश्य।(ठाकुर कामेश्वर सिंह के यहाँ उनकी बेटी की शादी है,बाराती को भोजन कराया जा रहा है।उसी[...]
बाल-अधिकार- श्री विमल कुमार”विनोद”बाल-अधिकार- श्री विमल कुमार”विनोद”
ओपनिंग दृश्य-(एक शिक्षक जो कि गाँव के विद्यालय में कार्यरत है,जो कि ग्रामीण को अपने बच्चों को पढ़ने के लिये[...]
गरीबी की कब्र पर पनपी हँसी-श्री विमल कुमार” विनोद”गरीबी की कब्र पर पनपी हँसी-श्री विमल कुमार” विनोद”
एक बड़े शहर के चंराहे पर सुबह के 10 बजे एक चमचमाती हुई कार ट्रैफिक पर आकर लगती है।उसी समय[...]
मैजिक का भ्रम -मीरा सिंहमैजिक का भ्रम -मीरा सिंह
अंशु कक्षा पांच का छात्र था। पढ़ाई में वह बहुत तेज था। परंतु इधर कुछ दिनों से वह खेल में[...]