पर्यावरण दिवस की सार्थकता-कुमारी अनु साह - गद्य गुँजन

पर्यावरण दिवस की सार्थकता-कुमारी अनु साह

पर्यावरण दिवस की सार्थकता

          पेड़ पौधे हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पेड पौधों से हमें आक्सीजन , फल , फूल , सब्जी , लकडी , इत्र , औषधि , रबर , कागज इत्यादि मिलते हैं । पेडों की जडें मिट्टी की ऊपरी परत को जकडे रखती है जिससे मिट्टी का कटाव नहीं होता है और जमीन बंजर नहीं होती है । पेडो की टहनियां झूम झूम कर बादल को बुलाती हैं जिससे वर्षा होती है । पेड पौधों की वजह से ही जानवर और पशु पक्षी हमारे पर्यावरण मे उपस्थित है । पेड पौधे मानसिक तनाव को कम करते हैं और प्राथमिक उपचार मे मदद करते हैं । पर बढती जनसंख्या , औद्योगिकीकरण , शहरीकरण , वनों की अंधाधुंध कटाई इत्यादि की वजह से पेड पौधों की संख्या में भारी गिरावट आई । जिससे प्रकृति के ऊपर खतरा भी मंडराने लगा । पेड पौधों की कटाई से पर्यावरण असंतुलित हो गया , प्रदूषण बढ गया , कुछ जंगली जीव विलुप्त हो गए ।पेड पौधों को बचाने के लिए कई आंदोलन हुए और बहुत सारे लोगों ने अपनी जान भी गवां दी । जिनमें महत्वपूर्ण है चिपको आंदोलन , जंगल बचाओ आंदोलन , साइलेंट वेली बचाओ अभियान , चिपको आंदोलन , बिश्नाई आंदोलन आदि । इन आंदोलनों की वजह से समाज में जागरूकता आई लोगों की सोच बदलने लगी । विश्व पर्यावरण दिवस 100 से अधिक देश के लोगों के द्वारा हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसकी घोषणा और स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 ई. मे की गई थी ।हालांकि इस कार्यक्रम को हर साल मनाने की शुरुआत 1973 ई. से हुई । इसका वार्षिक कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के द्वारा घोषित की गई विशेष थीम या विषय पर आधारित होता है । हर साल की तरह इस साल भी विश्व पर्यावरण दिवस के लिए थीम रखी गई है और साल 2021 के लिए थीम है #पारिस्थितिकी_तंत्र_बहाली । पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली कई रूपों मे हो सकती है । जैसे – पेड उगाना , शहर को हरा भरा करना , बगीचों को फिर से बनाना, नदियों और तटों की सफाई आदि । हर किसी को इस दिन पर्यावरण की बहाली का संकल्प लेना चाहिए ।
1 . इस दिन हर किसी को पेड लगाना चाहिए , घर के आसपास घर की छत पर , घर की बालकनी में , बगीचे में आदि ।
2 . आप आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर सकते हैं या फिर लोगों को संदेश के माध्यम से पेड पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं ।
3 . परिवार का हर सदस्य एक एक पौधा लगा सकता है या दोस्तों के साथ इस काम को कर सकते हैं । ताकि पेड पौधों की संख्या बढाई जा सके जो आज के दौर मे बेहद जरूरी है ।
4 . आनलाइन / सोशल मीडिया के जरिए इस दिन लोगों से बात कर सकते हैं , उन्हें पर्यावरण के बारे में बता सकते हैं । उन्हें बता सकते हैं कि पेड लगाना क्यों जरूरी है ।
5 . पेड पौधे लगाना ही काफी नहीं है इसलिए जो भी पेड पौधे आप लगाए उनके देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाएं ।
पर्यावरण दिवस की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब सभी लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे ।

कुमारी अनु साह
प्रा. वि. आदिवासी टोला भीमपुर, सुपौल 

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