Tag: Hindi kahani

स्त्री का दर्द : रूचिकास्त्री का दर्द : रूचिका

0 Comments 9:01 pm

सरिता जी की कामवाली सरला आज फिर देर से आई। सरिता जी ने कहा, “सरला,आज फिर तूने देर कर दी[...]

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उद्धार : अरविंद कुमारउद्धार : अरविंद कुमार

0 Comments 10:26 am

” राम..नाम..सत्य..है,सब.. का..यही.. गत..है.राम..नाम…सत्य..है..सब ..का ..यही ..गत .है ” के नारे के साथ रंगीन कागज से सजी भागवत दास की[...]

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दोहरा चेहरा : रूचिकादोहरा चेहरा : रूचिका

0 Comments 10:09 am

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुधा जी का जोरदार स्वागत किया गया। सुधा जी को नारी उत्थान के क्षेत्र में[...]

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एक और सुबह : अरविंद कुमारएक और सुबह : अरविंद कुमार

0 Comments 9:08 pm

आ..छी..ईईईईई ..। ऊह…,हे..रे..भागता है की नहीं उधर ” दशरथ ओझा ने मंगलू के छींकने पर अपना मुंह बनाते हुए कहा।[...]

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पिता की सीख : कुमारी निधिपिता की सीख : कुमारी निधि

0 Comments 7:42 pm

रोहन तब बारहवीं में पढ़ रहा था। वह पढ़ने में बहुत होशियार था। रोहन के पिता ने उसे कोई कमी[...]

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बचपन और उसकी यादें : रूचिकाबचपन और उसकी यादें : रूचिका

0 Comments 11:53 am

बचपन और उसकी यादें जब भी जेहन में आ जाती हैं तो होठों पर बरबस ही मुस्कान चली आती हैं।बचपन[...]

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अंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 10:21 am

सुरेश बहुत खुश था। पिता बनने के सुख की अनुभूति से आह्लादित वो फुले नहीं समा रहा था। बार-बार भगवान[...]

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एक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरवएक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:51 pm

गौरी को जब पहली बार आसमान में उड़ते हवाई जहाज़ को देखने का मौका मिला, वह बस चुपचाप उसे देखती[...]

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मैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 9:00 pm

सलमा धीरे धीरे आकर मेरे बगल में झिझकते और शर्माती हुई ख़डी हो गई। पहले तो मैंने उसे तवज्जो नहीं[...]

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बबली की पाठशाला : मो. ज़ाहिद हुसैनबबली की पाठशाला : मो. ज़ाहिद हुसैन

1 Comment 9:54 pm

संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-1( प्रथम पाठशाला) बच्चे जब पैदा होते हैं तो वे नये परिवेश में रोते हैं। मां जब[...]

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