मित्रता का मान विद्यालय में “कृष्ण और सुदामा” नाटक का मंचन किया जाना था। वर्ग[...]
Category: हिन्दी कहानी
कभी हार मत मानो-निधि चौधरीकभी हार मत मानो-निधि चौधरी
कभी हार मत मानो कनक मध्यम वर्गीय परिवार की एक 10 साल की लड़की है।[...]
सत्कर्म का फल-ब्रह्माकुमारी मधुमिता सृष्टिसत्कर्म का फल-ब्रह्माकुमारी मधुमिता सृष्टि
सत्कर्म का फल एक दिन अंबर नाम का ग्वाला सुबह दूध लेकर बेचने को निकला।[...]
आशा की किरण-कुमारी निरुपमाआशा की किरण-कुमारी निरुपमा
आशा की किरण अमन, सौरभ, मोनू और गौरव चारों दोस्त जब 12 अप्रैल को विद्यालय[...]
धूप में देवता-संजीव प्रियदर्शीधूप में देवता-संजीव प्रियदर्शी
धूप में देवता रघु बारह हजार रुपये पत्नी लखिया को देते हुए बोला – “रख[...]
जल अमूल्य है-रूचिका रायजल अमूल्य है-रूचिका राय
जल अमूल्य है बाहर खटर पटर की आवाज सुनते ही सुधा के बेजान शरीर में[...]
दिव्यांगता ईश्वरीय रुप-कुमारी निरुपमादिव्यांगता ईश्वरीय रुप-कुमारी निरुपमा
दिव्यांगता ईश्वरीय रुप दिव्यांग अर्थात दिव्य अंग जिसके पास हो। ईश्वर द्वारा प्रदत्त एक विशिष्ट[...]
मातृ दिवस-शफ़क़ फातमामातृ दिवस-शफ़क़ फातमा
मदर्स डे सभी माँओं को समर्पित एक दिवस हमारे जीवन में कई ऐसे रिश्ते हैं[...]
मॉंं-नीभा सिंहमॉंं-नीभा सिंह
मॉं जब जब कागज पर लिखा मैंने मां का नाम, कलम अदब से बोल उठी हो गए चारों धाम।।🙏 [...]
हम परिस्थितियों से अधिक शक्तिशाली हैं-ब्रह्मकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’हम परिस्थितियों से अधिक शक्तिशाली हैं-ब्रह्मकुमारी मधुमिता ‘सृष्टि’
हम परिस्थितियों से अधिक शक्तिशाली हैं जीवन यात्रा में परिस्थितियां कभी एक जैसी नहीं होती[...]